sherKuch Alfaaz

ये जो दीवार अँधेरों ने उठा रक्खी है मेरा मक़्सद इसी दीवार में दर करना है

Azm Shakri24 Likes

Related Sher

मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

566 likes

ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता

Tehzeeb Hafi

211 likes

उस सेे कहो इक बार मेरा नाम पुकारे उस के बिना साँसों का रिदम टूट रहा है

Ankit Maurya

67 likes

जब भी घंटी बजती है और नाम तुम्हारा आता है हाथ से पहले दिल मेरा ये फ़ोन उठाने जाता है

Tanoj Dadhich

62 likes

सारे का सारा तो मेरा भी नहीं और वो शख़्स बे-वफ़ा भी नहीं ग़ौर से देखने पे बोली है शादी से पहले सोचना भी नहीं

Kushal Dauneria

85 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Azm Shakri.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Azm Shakri's sher.