ये जो दीवार अँधेरों ने उठा रक्खी है मेरा मक़्सद इसी दीवार में दर करना है
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता
Tehzeeb Hafi
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उस सेे कहो इक बार मेरा नाम पुकारे उस के बिना साँसों का रिदम टूट रहा है
Ankit Maurya
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जब भी घंटी बजती है और नाम तुम्हारा आता है हाथ से पहले दिल मेरा ये फ़ोन उठाने जाता है
Tanoj Dadhich
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सारे का सारा तो मेरा भी नहीं और वो शख़्स बे-वफ़ा भी नहीं ग़ौर से देखने पे बोली है शादी से पहले सोचना भी नहीं
Kushal Dauneria
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ज़िंदगी मेरी मुझे क़ैद किए देती है इस को डर है मैं किसी और का हो सकता हूँ
Azm Shakri
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मेरे जिस्म से वक़्त ने कपड़े नोच लिए मंज़र मंज़र ख़ुद मेरी पोशाक हुआ
Azm Shakri
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आँसुओं से लिख रहे हैं बेबसी की दास्ताँ लग रहा है दर्द की तस्वीर बन जाएँगे हम
Azm Shakri
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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है
Azm Shakri
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अगर साए से जल जाने का इतना ख़ौफ़ था तो फिर सहर होते ही सूरज की निगहबानी में आ जाते
Azm Shakri
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