sherKuch Alfaaz

ये पता चलता आज़माने पर कौन रोता है दूर जाने पर मैं अलग हूँ ज़रा ज़माने से मुस्कुराता हूँ मैं सताने पर

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है

Kumar Vishwas

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लोग सुन कर वाह-वाही करते हैं हर बार ही रोज़ ही रोता हूँ अब तो मैं किसी सुर-ताल में

nakul kumar

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ये हिजरतों का ज़माना भी क्या ज़माना है उन्हीं से दूर हैं जिन के लिए कमाना है

Syed Sarosh Asif

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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

Mirza Ghalib

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