ये पता चलता आज़माने पर कौन रोता है दूर जाने पर मैं अलग हूँ ज़रा ज़माने से मुस्कुराता हूँ मैं सताने पर
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
Kumar Vishwas
90 likes
लोग सुन कर वाह-वाही करते हैं हर बार ही रोज़ ही रोता हूँ अब तो मैं किसी सुर-ताल में
nakul kumar
88 likes
ये हिजरतों का ज़माना भी क्या ज़माना है उन्हीं से दूर हैं जिन के लिए कमाना है
Syed Sarosh Asif
59 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
More from salman khan "samar"
वो फिर मिलेंगे राह में बे-वक़्त बे-वजह हम को है इत्तिफ़ाक़ से उम्मीद आज भी
salman khan "samar"
0 likes
उस के क़रीब बैठ के ख़ामोश क्यूँँ रहा दिल चाहता था उस सेे ज़रा गुफ़्तगू करूँँ
salman khan "samar"
0 likes
ज़िंदगी मुझ को तिरी अब तो ज़रूरत ही नहीं उस की तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है
salman khan "samar"
0 likes
तेरी हर एक बात को सुनता हूँ जो ख़मोश करता हूँ एहतिराम तिरे हर्फ़-ओ-लफ़्ज़ का
salman khan "samar"
0 likes
ये भूल है दुनिया की कई साल जिएँगे लगती है मुझे ज़िंदगी लम्हों की कहानी
salman khan "samar"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on salman khan "samar".
Similar Moods
More moods that pair well with salman khan "samar"'s sher.







