ज़बान खुश्क़ है हमारी इक ज़माने से मियाँ हमारे गाँव में न करना कोई बात पानी की
Related Sher
रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
112 likes
हालत जो हमारी है तुम्हारी तो नहीं है ऐसा है तो फिर ये कोई यारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
94 likes
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
88 likes
फिर उसी बे-वफ़ा पे मरते हैं फिर वही ज़िंदगी हमारी है
Mirza Ghalib
71 likes
पास हमारे आ कर वो शर्माती है तब जा कर के एक ग़ज़ल हो पाती है उस को छूना छोटा मोटा खेल नहीं गर्मी क्या सर्दी में लू लग जाती है
Tanoj Dadhich
49 likes
More from Meem Alif Shaz
ज़िन्दगी से हम ख़फ़ा हो के कहाँ जाएँगे शाज़ हम जहाँ जाएँगे ये दुश्वारियाँ होगी वहाँ
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िन्दगी रुक ही न जाए इस लिए भी लोग पैसे ख़र्च करते ही नहीं हैं
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िन्दगी में कभी ख़ंजर आए मौत जैसे कई मनज़र आए
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िन्दगी में हादसे ही हादसे हैं हाल कोई कैसे पूछे दूसरे का
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िन्दगी महफ़िल नहीं है क़हक़हों की इस का असली नाम तो संजीदगी है
Meem Alif Shaz
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Alif Shaz.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Alif Shaz's sher.







