ज़रा सा ज़िक्र आ जाए कभी तुझ से बिछड़ने का तो ऐसा लगता है जैसे कलेजा मुँह को आया है
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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आज का दिन भी ऐश से गुज़रा सर से पाँव तक बदन सलामत है
Jaun Elia
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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तुम में अना मौजूद है और हम में तुम सो लाज़मी है तुम ही भूलोगे हमें
Bhoomi Srivastava
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मेरे होंठों पे उस के नाम का हर पल तराना है वो दीवाना समझता है वही केवल दिवाना है उसे मैं, मुझ को वो सारी कमी के साथ है मंज़ूर मुहब्बत के दयारों में यही अपना फ़साना है
Bhoomi Srivastava
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मेरी सच्चाई अब तो राएगाँ ही है उसे कुछ वसवसों ने छीना है मुझ से
Bhoomi Srivastava
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बाप का साया नहीं था मुझ पे बचपन के दिनों में इक बहादुर माँ के हाथों परवरिश मेरी हुई है
Bhoomi Srivastava
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तेरे आने से मेरे चेहरे पर रंगत है इस में होली के रंगों का कोई हाथ नहीं
Bhoomi Srivastava
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