ज़िंदगी में व्यस्त हूँ मैं आजकल कुछ इस तरह से साँस तक लेने में ज़ाया' हो रहा है वक़्त मेरा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ये किस का अक्स है हर सू समाया छुपा है कौन मेरी पुतलियों में
Shiva awasthi
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रोती हूँ तो साथ साथ में बजते हैं वो पायल में ऐसे घुॅंघरू बाॅंध गया
Shiva awasthi
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तुम भी दूर नहीं कर सकते अब तुम को खो देने का दुख
Shiva awasthi
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ज़िंदगी इल्म का पन्ना नहीं है ज़िंदगी बस सुकूँ का मसअला है
Shiva awasthi
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अरे! बला की सूरत में वो, लड़की क्या बरबादी थी पागल उस को नादानी में अपना इश्क़ समझ बैठा
Shiva awasthi
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