ज़ुल्म ऐसा न मेरे साथ करें ज़िस्म में रूह भी न बाक़ी रहे
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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वो मेरे चेहरे तक अपनी नफरतें लाया तो था मैं ने उस के हाथ चू में और बेबस कर दिया
Waseem Barelvi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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यहीं डूब जाने को जी चाहता है यूँँ आँसू बहाने को जी चाहता है नहीं है जहाँ में हमारा कोई अब हमें मुस्कुराने को जी चाहता है
Parvez Shaikh
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याद में तेरी नहीं जो कभी सोया है मैं हूँ अपने ख़्वाबों में तुझे जिस ने पिरोया है मैं हूँ
Parvez Shaikh
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मदीने की गलियों का चक्कर लगा लूँ मिले आप की गर शफ़ा'अत कभी भी
Parvez Shaikh
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मिरी आबरू का तमाशा किया है किसी ने सरे आम मुझ को शनासा किया है किसी ने
Parvez Shaikh
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नौकरी भी चली ही गई है यूँ तो ज़िंदगी दर बदर की गई है यूँ तो कोई दुख को मिरे क्यूँ समझता नहीं तंज़ की बस सदा दी गई है यूँ तो
Parvez Shaikh
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