चेहरे चाँद सितारों वाले हेरा-फेरी करते हैं ये पैकर मटियारों वाले हेरा-फेरी करते हैं इन में घू में राशी अफ़सर या स्मगलर पाउडर के अक्सर लंबी कारों वाले हेरा-फेरी करते हैं ख़बरों में स्कैंडल हैं तस्वीरों में उर्यानी है यारो कुछ अख़बारों वाले हेरा-फेरी करते हैं इन पर फूल निछावर करने वाली जनता क्या जाने अक्सर लीडर हारों वाले हेरा-फेरी करते हैं 'शाहिद'-साहिब कहलाते हैं मिस्टर भी मौलाना भी हज़रत दो किरदारों वाले हेरा-फेरी करते हैं
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चाँद सितारे फूल परिंदे शाम सवेरा एक तरफ़ सारी दुनिया उस का चर्बा उस का चेहरा एक तरफ़ वो लड़कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस सेे मुहब्बत एक तरफ़ है उस सेे झगड़ा एक तरफ़ जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़ ज़ख़्मों पर मरहम लगवाओ लेकिन उस के हाथों से चारासाज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़ सारी दुनिया जो भी बोले सब कुछ शोर शराबा है सब का कहना एक तरफ़ है उस का कहना एक तरफ़ उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है उस के सपने एक तरफ़ है मेरा सपना एक तरफ़
Varun Anand
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कर रहे हैं सब अदब सब ठीक है और वो भी बे-सबब सब ठीक है पूछना था वाक़ई सब ठीक था कह रहे थे आप जब सब ठीक है सोचो दरिया हाल पूछे एक दिन और कह दें तश्ना-लब सब ठीक है ओढ़ ली है चेहरे पे झूठी हँसी अब बना तस्वीर अब सब ठीक है
Ahmad Abdullah
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जो भी इज़्ज़त के डर से डर जाए मत करे इश्क़ अपने घर जाए बात आ जाए जब दु'आओं पर इस सेे बेहतर है बंदा मर जाए थोड़ी सी और देर सामने रह मेरी आँखों का पेट भर जाए अल-मुहैमिन के घर भी ख़तरे हैं जाए भी तो कोई किधर जाए हाँ अक़ीदा अगर न क़ैद रखे फिर तो इंसान कुछ भी कर जाए बेबसी की ये आख़िरी हद है मेरी औलाद आप पर जाए उस के चेहरे पर आज उदासी थी हाए 'अफ़्कार अल्वी' मर जाए
Afkar Alvi
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इक परी सी प्यारी लड़की सोने की नर्म हाथों में , अँगूठी सोने की उस का चेहरा, जैसे चाँदी का है, और उस की आँखें, जैसे लगती सोने की आई लव यूँ, बोल मुझ को, फिर तू देख हाथ पहना दूँगा, चूड़ी सोने की हम फ़क़ीरों में गिने जाते है, और उस के कंगन , उस की चूड़ी सोने की नींद आती ही नहीं थी तब मुझे जब ज़रूरत थी मुझे भी सोने की उस की क़ीमत कितनी है ? मत पूछ दोस्त उस के आगे दुनिया फीकी सोने की श्याम तो, मीरा न हो पाया तेरा क्या करेगी अब ये मूर्ति सोने की वो तेरी हो ही नहीं सकती ' सलीम ' माटी का तू और वो पूरी सोने की
BR SUDHAKAR
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पानी की चोट चोट है कच्चे घड़ों से पूछ कम उम्र में बियाही गई लड़कियों से पूछ किस किस से तेरे बारे में पूछा नहीं बता जा डाकियों से पूछ जा कंडक्टरों से पूछ ये हिज्र कैसे काटता है आदमी की उम्र नदियों से कटने वाले बड़े पर्वतों से पूछ कैसे जुदा किया है उसे कैसे ख़ुश रहें बरसे बग़ैर जाते हुए बादलों से पूछ
Rishabh Sharma
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