yaden pagal kar deti hain baten pagal kar deti hain chehra hosh uda deta hai ankhen pagal kar deti hain tanha chalne valon ko ye rahen pagal kar deti hain din to khair guzar jaata hai raten pagal kar deti hain yaaden pagal kar deti hain baaten pagal kar deti hain chehra hosh uda deta hai aankhen pagal kar deti hain tanha chalne walon ko ye rahen pagal kar deti hain din to khair guzar jata hai raaten pagal kar deti hain
Related Ghazal
उसी जगह पर जहाँ कई रास्ते मिलेंगे पलट के आए तो सब सेे पहले तुझे मिलेंगे अगर कभी तेरे नाम पर जंग हो गई तो हम ऐसे बुज़दिल भी पहली सफ़ में खड़े मिलेंगे तुझे ये सड़कें मेरे तवस्सुत से जानती हैं तुझे हमेशा ये सब इशारे खुले मिलेंगे
Tehzeeb Hafi
465 likes
यही अपनी कहानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वो लड़की जाँ हमारी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वहम मुझ को ये भाता है,अभी मेरी दिवानी है मगर मेरी दिवानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है, वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले, बहुत पहले अदब से माँग कर माफ़ी भरी महफ़िल ये कहता हूँ वो लड़की ख़ानदानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
526 likes
क्यूँँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा हँसती आँखों में झाँक कर देखो कोई आँसू कहीं छुपा होगा इन दिनों ना-उमीद सा हूँ मैं शायद उस ने भी ये सुना होगा देख कर तुम को सोचता हूँ मैं क्या किसी ने तुम्हें छुआ होगा
Javed Akhtar
371 likes
मेरे बस में नहीं वरना क़ुदरत का लिखा हुआ काटता तेरे हिस्से में आए बुरे दिन कोई दूसरा काटता लारियों से ज़्यादा बहाव था तेरे हर इक लफ्ज़ में मैं इशारा नहीं काट सकता तेरी बात क्या काटता मैं ने भी ज़िंदगी और शब ए हिज्र काटी है सबकी तरह वैसे बेहतर तो ये था के मैं कम से कम कुछ नया काटता तेरे होते हुए मोमबत्ती बुझाई किसी और ने क्या ख़ुशी रह गई थी जन्मदिन की, मैं केक क्या काटता कोई भी तो नहीं जो मेरे भूखे रहने पे नाराज़ हो जेल में तेरी तस्वीर होती तो हँसकर सज़ा काटता
Tehzeeb Hafi
456 likes
चाँद सितारे फूल परिंदे शाम सवेरा एक तरफ़ सारी दुनिया उस का चर्बा उस का चेहरा एक तरफ़ वो लड़कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस सेे मुहब्बत एक तरफ़ है उस सेे झगड़ा एक तरफ़ जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़ ज़ख़्मों पर मरहम लगवाओ लेकिन उस के हाथों से चारासाज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़ सारी दुनिया जो भी बोले सब कुछ शोर शराबा है सब का कहना एक तरफ़ है उस का कहना एक तरफ़ उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है उस के सपने एक तरफ़ है मेरा सपना एक तरफ़
Varun Anand
406 likes
More from Noon Meem Danish
तिरा ख़याल बहुत देर तक नहीं रहता कोई मलाल बहुत देर तक नहीं रहता उदास करती है अक्सर तुम्हारी याद मुझे मगर ये हाल बहुत देर तक नहीं रहता मैं रेज़ा रेज़ा तो होता हूँ हर शिकस्त के बा'द मगर निढाल बहुत देर तक नहीं रहता जवाब मिल ही तो जाता है एक चुप ही न हो कोई सवाल बहुत देर तक नहीं रहता मैं जानता हूँ कि सूरज हूँ डूब जाऊँ भी तो मुझे ज़वाल बहुत देर तक नहीं रहता
Noon Meem Danish
8 likes
यादें पागल कर देती हैं बातें पागल कर देती हैं चेहरा होश उड़ा देता है आँखें पागल कर देती हैं तन्हा चलने वालों को ये राहें पागल कर देती हैं दिन तो ख़ैर गुज़र जाता है रातें पागल कर देती हैं
Noon Meem Danish
20 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Noon Meem Danish.
Similar Moods
More moods that pair well with Noon Meem Danish's ghazal.







