आ रहा है बहार का मौसम फूल निकलेंगे मेरे ज़ख़्मों से
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
140 likes
More from ZARKHEZ
ये तिरे हिज्र का करिश्मा है मैं ने काटा जो साल दिन भर में
ZARKHEZ
2 likes
इस जहाँ के सारे मंज़र उस की आँखों से छुए उस ने नज़रें फेर लीं तो मैं भी अंधा हो गया धीरे धीरे हो गई मसरूफ़ अपनी ज़िंदगी रफ़्ता रफ़्ता आशिक़ी का शौक़ पूरा हो गया
ZARKHEZ
2 likes
उन दरख़्तों से दूर हो जाओ जिन दरख़्तों में छाँव होती है
ZARKHEZ
2 likes
वो एक लम्हा जो बेदारियों का ज़ामिन है जब आँख लगने लगे तब अज़ान देता है
ZARKHEZ
1 likes
तुम्हें छूने को हूँ बेताब लेकिन हक़ीक़त हाथ में उलझी हुई है
ZARKHEZ
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on ZARKHEZ.
Similar Moods
More moods that pair well with ZARKHEZ's sher.







