आब में रह, मगरमच्छ से बैर पाला नहीं करते इस लिए आस्तिक हूँ और है ख़ुदा में यक़ीं मेरा
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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सभी के वास्ते मुमकिन नहीं है इश्क़ में ये वो दिल जलाए जिसे दिल जलाना आता है
A R Sahil "Aleeg"
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वगरना इश्क़ से मैं तो किया करता था नफ़रत कहानी में ज़बरदस्ती मुझे डाला गया है
A R Sahil "Aleeg"
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ये पहेली अज़ल से उलझी है है बुरा हुस्न या है इश्क़ बुरा
A R Sahil "Aleeg"
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ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
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उस को होता है हर इक रोज़ नए शख़्स से इश्क़ उस के इस शौक़ पे अब ख़ाक है हैराँ होना
A R Sahil "Aleeg"
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