आदमी जब टूटता है तब निकलता रास्ता है इस जहाँ में सिर्फ़ हम को आप का ही आसरा है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from Adarsh Akshar
ये दिल उलझा हुआ तेरे ख़यालों में नहीं हो सकता है इस दिल का कुछ भी अब
Adarsh Akshar
1 likes
याद करता है ज़रूरत में अब कुछ भी हो सकता मुहब्बत में अब
Adarsh Akshar
1 likes
प्यार के रस्ते पे चलना है हमें अब मिल के दुनिया को बदलना है हमें अब
Adarsh Akshar
1 likes
याद आती है तुम्हारी आज भी तुम मुझे उतनी ही प्यारी आज भी
Adarsh Akshar
1 likes
लग जाए तुम्हें सारी की सारी दुआ मेरी तेरी ख़ुशी में मेरी ख़ुशी है छिपी हरदम
Adarsh Akshar
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Adarsh Akshar.
Similar Moods
More moods that pair well with Adarsh Akshar's sher.







