आए सही वो आए भले देर से यहाँ कितनी तो देर लगती है अजमेर से यहाँ
Related Sher
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
174 likes
आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
102 likes
उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
94 likes
निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
85 likes
More from Dipendra Singh 'Raaz'
वो सदा जो कान तक पहुंँची नहीं शहर भर में ढूंँढते हैं हम उसे
Dipendra Singh 'Raaz'
0 likes
तुम न टूटो कभी भी इस लिए पत्थर है कहा मैं तुम्हें फूल जो कहता तो बिखर जाती तुम
Dipendra Singh 'Raaz'
0 likes
याद तन्हाई में आता है तुम्हारा कहना दीप तुम को कभी तन्हा नहीं छोड़ूँगी मैं
Dipendra Singh 'Raaz'
1 likes
वो मेरे ज़ेहन के कोने में दबा बैठा था उस को फिर बहर में डाला तो कहीं शे'र बना
Dipendra Singh 'Raaz'
1 likes
सितारा ही तो कहती थी मुझे तुम दुआएंँ माँग लो टूटा हुआ हूँ
Dipendra Singh 'Raaz'
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Dipendra Singh 'Raaz'.
Similar Moods
More moods that pair well with Dipendra Singh 'Raaz''s sher.







