आईने नाराज़ी रखते है तुम सेे जब भी देखो थोड़ा ठहर के देखो
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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इतराते है वो लब थोड़ा पहला बोसा जो बाकी है
Abhishek Jadhav
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ये यादें तेरी कब जाएगी सोना होता है इक लड़के को
Abhishek Jadhav
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उस को चूमा तो ये जाना है इस की आदत लगने वाली है
Abhishek Jadhav
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उस के होने से आसाँ था सब होंठों पे हँसी रहती थी तब
Abhishek Jadhav
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मेरे हक़ में अब बुराई होती है मैं ने लोगों को न कहना सीखा है
Abhishek Jadhav
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