आईन-ए-इश्क़ है ये रोज़-ए-अज़ल से अब तक मिलता नहीं वफ़ा के बदले वफ़ा हर इक को
Related Sher
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
More from A R Sahil "Aleeg"
निकलने को न जाने दिल से जाँ क्या क्या नहीं निकला नहीं निकला तो बस इक इश्क़ और शहर-ए-मुज़फ़्फ़रपुर
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
मेरे हाल पर सब उछल कर ये बोले तुम्हें इश्क़ और ये मोहब्बत मुबारक
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
मेरी फ़ितरत में थी पहले से ही ये ख़ामोशी मुझ को ख़ामोश ही कर डाला है ये नीश-ए-इश्क़
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
लाख दो इश्क़-ओ-वफ़ा और क़स में वादों की दुहाई राइगाँ है बे-वफ़ा को करनी हो जब बे-वफ़ाई फिर कहाँ सुनते किसी की
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on A R Sahil "Aleeg".
Similar Moods
More moods that pair well with A R Sahil "Aleeg"'s sher.







