आइने में से कहता है इक आदमी क्यूँँ मेरी नींद बर्बाद कर के रखी?
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ज़बरदस्ती पकड़े हुए हैं तू और मैं कि चल छोड़ देते हैं अब ये मोहब्बत
Jagveer Singh
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रस्सी चाक़ू कहते मुझ को अक्सर बेहतर होगा ग़लत क़दम उट्ठा ले
Jagveer Singh
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कितनी उजलत में दुनिया बनाई ख़ुदा कितने बच्चों को दुख मारे गुब्बारे हैं
Jagveer Singh
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या अल्लाह लब पर हँसी दे मगर ख़ून में गर्मी भी दे मेरे दुख पे ख़ुश होने वाले ख़ुदा तुझ को भी ये ख़ुशी दे
Jagveer Singh
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ज़मीन पर मनुष्य को ही ख़तरा है मनुष्य से यहाँ-वहाँ मनुष्य डरता फिरता है मनुष्य से ख़ुदा ने भूक और मनुष्य ने बनाया इश्क़ को ख़ुदा का काम ज़्यादा जानलेवा है मनुष्य से
Jagveer Singh
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