रस्सी चाक़ू कहते मुझ को अक्सर बेहतर होगा ग़लत क़दम उट्ठा ले
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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काश वो रास्ते में मिल जाए मुझ को मुँह फेर कर गुज़रना है
Fahmi Badayuni
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
Khumar Barabankvi
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सौ सौ उमीदें बँधती है इक इक निगाह पर मुझ को न ऐसे प्यार से देखा करे कोई
Allama Iqbal
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मज़हब पर आ जाए बात तो बस्ती जलती है रेप अगर हो तो सिर्फ़ मोमबत्ती जलती है
Jagveer Singh
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तेरी इक झलक से मेरा दिन बने है अहिल्या को बस राम का लम्स काफ़ी
Jagveer Singh
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तेरी बीवी का ज़र्फ़ सोचना कितना मुश्किल तू उस के सामने पराई औरत तकता है
Jagveer Singh
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वो बेटे मुर्दो में गिने जाए ख़ुदा माँ बाप अकेले जिन के जाते अस्पताल
Jagveer Singh
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बस एक क़ैफियत ही मुसलसल सी तारी है लम्हात-ए-शाद में भी उदासी तू जारी है
Jagveer Singh
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