sherKuch Alfaaz

आज हम को ख़त्म कर देगी तेरी नाराज़गी यार इतनी बे-सबब अच्छी नहीं नाराज़गी दिन के लम्हे काट लेता हूँ मैं तेरी याद से दिल जलाती है मगर ये शाम की नाराज़गी

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ज़रा सी पी जो ली हम ने बपा है क्यूँ ये हंगामा दिवाने मीर-ओ-ग़ालिब के करें ना ये करें तो क्या

Aditya

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वक़्त गुज़रा हुआ यादों में चला आता है वक़्त के साथ जो गुज़रा वो कहाँ आता है रूठने और मनाने के रिवाजों से परे सिर्फ़ तन्हाई में जीने का मज़ा आता है

Aditya

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वक़्त गुजरा हुआ यादों में चला आता है वक़्त के साथ जो गुजरा वो कहाँ आता है रूठने और मनाने के रिवाजों से परे सिर्फ़ तन्हाई में जीने का मज़ा आता है

Aditya

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लाखों अरमाँ लौट आए हैं तेरे कॉल के आने पे जाने वाले लौट आते हैं ज्यूँँंँ आवाज़ लगाने पे

Aditya

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मत ही पूछो मुझ सेे मेरी उम्र है क्या कौन हिसाब लगाए गुजरते सालों का जाने किस कमरे में रख कर भूल गया ख़याल नहीं है मुझ को अपने ख़यालों का

Aditya

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