आज हवाओं ने कुछ करने की ठानी है 'अरशद' आज चिराग़ों को ज़िंदा रखना मुश्किल लगता है
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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ज़िन्दगी से हम ख़फ़ा हो के कहाँ जाएँगे शाज़ हम जहाँ जाएँगे ये दुश्वारियाँ होगी वहाँ
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी रुक ही न जाए इस लिए भी लोग पैसे ख़र्च करते ही नहीं हैं
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी में कभी ख़ंजर आए मौत जैसे कई मनज़र आए
Meem Alif Shaz
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ज़हर पीने से क्या मिला तुम को उस को देखो अभी भी ज़िंदा है
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी भी इक लतीफ़ा बन गई है हम छुपाते हैं ग़मों को मुस्कुरा के
Meem Alif Shaz
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