आज की शब ख़्वाब में बातें हुई हैं जिन से मेरी या ख़ुदा इक रोज़ हो जाए मुझे दीदार उन का
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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तुम्हारी याद क्या आई ज़रा सी चमक चेहरे पे फ़ौरन आ गई फिर
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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कोई तो चाहता होगा हमें भी किसी के फोन में हम सेव होंगे
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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ज़िंदगी भी ख़त्म होती ही नहीं और ये उदासी जान लेने पर तुली है
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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इस क़दर हावी है तिरी वहशत चाँद देखूँ तो तू नज़र आए
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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