आज फिर देखा उसे तो याद ताज़ा हो गई हम ने तो कुछ भी नहीं बोला ज़बाँ थी बस सिली
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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सोचता हूँ चूम लूँ उन हाथों को दुनिया में जो शा'इरी ज़िंदा रखें
Sahir banarasi
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ये कौन दिल पे दे रहा दस्तक ख़बर नहीं लगता है इस को अब भी मुहब्बत का डर नहीं
Sahir banarasi
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कोहकन सा मर जाता बात सुन के तो 'साहिर' तुझ को क्यूँ ज़रूरत है फिर कोई जुदाई की
Sahir banarasi
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इस तरफ़ लोग हैं उस ओर भी होंगे 'साहिर' देखो ये जंग में इंसान न मारा जाए
Sahir banarasi
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गले मिलो तो ये भी ध्यान रखना अब 'साहिर' हर इक से रस्म-ए-मुहब्बत नहीं निभाते हैं
Sahir banarasi
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