आज क़िस्मत में हमें हासिल अज़िय्यत हो रही जो है बशर कोई मुझे जो बद-दु'आएँ दे रहा है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम लोग बस ऐसे उठा लेना जनाज़ा ये मिरा जैसे किसी डोली में दुल्हन को उठा कर चलते हैं
Sagar Sahab Badayuni
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वो ख़्वाब भी जिस का मुझे आता नहीं दिल से कभी जो भी गया आता नहीं
Sagar Sahab Badayuni
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यही है ख़्वाब मुस्तक़बिल बने तू ही हमारा अब अकेला सिर्फ़ दिल मेरा सहारा हो नहीं सकता
Sagar Sahab Badayuni
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था उसे मालूम मिलना आख़िरी होगा हमारा रुख़्सती के वक़्त वापस जो निशानी दे रहा है
Sagar Sahab Badayuni
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सभी पर वक़्त होता है गुनाहों से करें तौबा दया से ज़िन्दगी सबकी अज़ाबों सी नहीं होती
Sagar Sahab Badayuni
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