था उसे मालूम मिलना आख़िरी होगा हमारा रुख़्सती के वक़्त वापस जो निशानी दे रहा है
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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यहाँ पर मसअला मुश्किल नहीं होता जुदा करना कभी तो आशिक़ों के हाल पर जा कर दुआ करना
Sagar Sahab Badayuni
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एक मुद्दत से दिल-ए-बीमार हूँ मैं मर्ज़ काफ़ी है मुझे बीमार हूँ मैं
Sagar Sahab Badayuni
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बचा लेता अगर जो डूबने से इश्क़ में तुम को तुम्हें था ज़ो'म दिल में यार गहराई नहीं होती
Sagar Sahab Badayuni
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ज़ोर कितना कभी देखना होगा कौन अपना नहीं देखना होगा
Sagar Sahab Badayuni
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वो जिन्हें मंज़िल पहुँचना था कभी अब रास्ते से लौट कर घर जा रहें हैं
Sagar Sahab Badayuni
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