एक मुद्दत से दिल-ए-बीमार हूँ मैं मर्ज़ काफ़ी है मुझे बीमार हूँ मैं
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
More from Sagar Sahab Badayuni
यहाँ पर मसअला मुश्किल नहीं होता जुदा करना कभी तो आशिक़ों के हाल पर जा कर दुआ करना
Sagar Sahab Badayuni
1 likes
तुम लोग बस ऐसे उठा लेना जनाज़ा ये मिरा जैसे किसी डोली में दुल्हन को उठा कर चलते हैं
Sagar Sahab Badayuni
1 likes
सभी पर वक़्त होता है गुनाहों से करें तौबा दया से ज़िन्दगी सबकी अज़ाबों सी नहीं होती
Sagar Sahab Badayuni
1 likes
जिन्होंने सिर्फ़ अपनों का हमेशा दिल दुखाया हो उन्हें ता-उम्र मरने की इजाज़त भी नहीं मिलनी
Sagar Sahab Badayuni
1 likes
हम सेे दिल से उस ने सिर्फ़ रिहाई माँगी दिल रोया हँस कर आज़ाद किया पर हम ने
Sagar Sahab Badayuni
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sagar Sahab Badayuni.
Similar Moods
More moods that pair well with Sagar Sahab Badayuni's sher.







