आह से उन की हुकूमत न पलट जाए कहीं हुक्मराँ हो के फ़क़ीरों को सताया न करो
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उस के पहलू से लग के चलते हैं हम कहीं टालने से टलते हैं
Jaun Elia
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तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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मैं ज़िन्दगी में आज पहली बार घर नहीं गया मगर तमाम रात दिल से माँ का डर नहीं गया बस एक दुख जो मेरे दिल से उम्र भर न जाएगा उस को किसी के साथ देख कर मैं मर नहीं गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ तो मुश्ताक़ शब-ए-हिज्र में राहत होगी जाते-जाते कोई तस्वीर पुरानी दे दे
Saqlain Mushtaque
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ग़म-ए-हिज्र से मैं हूँ आशना मुझे आरज़ू-ए-विसाल है ये इलाज और ये मुआलिजा मेरे दर्द कि तो दवा नहीं
Saqlain Mushtaque
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ना-ख़ुदा डर नहीं दरिया की रवानी का हमें हर तलातुम से निकलने का हुनर जानते हैं
Saqlain Mushtaque
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बिजलियाँ दिल पे निगाहों से गिराया न करो बेहिजाबाना कभी बाम पे आया न करो
Saqlain Mushtaque
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हिज्र मुश्किल से भी मुश्किल न कहीं हो जाए तुम शब-ए-वस्ल कोई ऐसी नवाज़िश न करो
Saqlain Mushtaque
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