आज उस राह से गुज़री है नज़र आज फिर ख़्वाब को रोया मैं वहाँ ये सफ़र तो है इधर राह उधर आज फिर ज़ीस्त को खोया है यहाँ
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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किस तरह पूछूँ वो कहाँ है कैसा है अब माँ की बातें शोर लगती हैं उसे
Sanjay Bhat
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कहाँ ऐसे मरासिम थे कि कोई लौट के आता ख़िज़ाँ के फूल को ख़ूँ की नहीं अश्कों की हाजत थी
Sanjay Bhat
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ये रंगीन आँचल ये पुर नूर चेहरा खनक पायलों की ये चूड़ी का घेरा जहाँ तक भी देखो है ख़ुशबू तुम्हारी तुम्हारी चमक से है दिल में सवेरा
Sanjay Bhat
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ज़िन्दगी चल नज़र खोल के चल दिल में ईमान को घोल के चल दोस्त हर कोई फिर तेरा होगा प्यार से सब से तू बोल के चल
Sanjay Bhat
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ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में
Sanjay Bhat
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