कहाँ ऐसे मरासिम थे कि कोई लौट के आता ख़िज़ाँ के फूल को ख़ूँ की नहीं अश्कों की हाजत थी
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
Zubair Ali Tabish
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ज़िन्दगी चल नज़र खोल के चल दिल में ईमान को घोल के चल दोस्त हर कोई फिर तेरा होगा प्यार से सब से तू बोल के चल
Sanjay Bhat
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ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में
Sanjay Bhat
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तू न मायूस होना मुझे दे के ग़म ग़म रखे हैं कुछ और ख़ुद-कुशी के लिए
Sanjay Bhat
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रात पुरनम है तपती सहर चाहिए वो सहर अब मुझे पुरअसर चाहिए
Sanjay Bhat
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राह ये बेहद कठिन है आप जाएँगे कहाँ तक आप जाएँगे जहाँ तक सिर्फ़ पाएँगे वहाँ तक
Sanjay Bhat
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