राह ये बेहद कठिन है आप जाएँगे कहाँ तक आप जाएँगे जहाँ तक सिर्फ़ पाएँगे वहाँ तक
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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
Zubair Ali Tabish
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आपने मुझ को डुबोया है किसी और जगह इतनी गहराई कहाँ होती है दरिया में
Tehzeeb Hafi
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और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
Faiz Ahmad Faiz
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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किस तरह पूछूँ वो कहाँ है कैसा है अब माँ की बातें शोर लगती हैं उसे
Sanjay Bhat
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तेरे तेशे से गुज़र के है बनी ये मूरत चोट खा खा के बनी है ये चमकती सूरत
Sanjay Bhat
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ये रंगीन आँचल ये पुर नूर चेहरा खनक पायलों की ये चूड़ी का घेरा जहाँ तक भी देखो है ख़ुशबू तुम्हारी तुम्हारी चमक से है दिल में सवेरा
Sanjay Bhat
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वक़्त का राह से बस यही अहद था ये कि हम को गुज़र के गुज़रना पड़ा
Sanjay Bhat
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मंज़िलें और भी हैं इक यही दर नहीं ठान लो दिल में तो दूर अंबर नहीं
Sanjay Bhat
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