तेरे तेशे से गुज़र के है बनी ये मूरत चोट खा खा के बनी है ये चमकती सूरत
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तेरे जाने के बा'द बस यादें हर तरफ़ याद-याद बस यादें सोना, चाँदी, जमीन, घर सब कुछ हैं मेरी जायदाद बस यादें
Sandeep Thakur
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तेरे बग़ैर ही अच्छे थे क्या मुसीबत है ये कैसा प्यार है हर दिन जताना पड़ता है
Mehshar Afridi
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तू तो फिर अपनी जान है तेरा तो ज़िक्र क्या हम तेरे दोस्तों के भी नख़रे उठाएँगे
Ali Zaryoun
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तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया
Mehshar Afridi
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तेरे होंठो से गर इक काम लेना हो तेरे होंठो से हम बस इक दुआ लेंगे
Siddharth Saaz
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ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में
Sanjay Bhat
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पिघलती है ये क़तरा क़तरा रंग अपना बदलती है तिरी गर्मी की जुंबिश से तमन्ना भी फिसलती है जवानी ख़त्म हो जाती है नादानी में जल जल के दिल-ए-नादाँ को बिल-आख़िर ये मिट्टी ही निगलती है
Sanjay Bhat
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न पूछो कैफ़ियत अब तो हमारी तुम हमारी हम सँवारेंगे तुम्हारी तुम चले हैं अपने अपने रास्तों पर जब ये झूठे सिलसिले रखना न जारी तुम
Sanjay Bhat
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नहीं लफ़्ज़ का इस क़दर ज़ोर है ज़िंदगी पर कि मुमकिन नहीं एक भी हाँ मिरी ज़िंदगी में
Sanjay Bhat
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न मंदिर में न मस्जिद के चमन में न धरती पर न उस चौड़े गगन में जो रब को ढूँढ़ना है आप को तो मिलेगा तिफ़्ल के नन्हे से मन में
Sanjay Bhat
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