ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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तन्हाई में यूँँ तन्हा मैं नज़र आया हूँ मैं जैसे मैं नहीं उजड़ा कोई साया हूँ
Sanjay Bhat
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ज़िन्दगी चल नज़र खोल के चल दिल में ईमान को घोल के चल दोस्त हर कोई फिर तेरा होगा प्यार से सब से तू बोल के चल
Sanjay Bhat
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सुकूँ की देखनी हो शक्ल जो तुम को तो देखो तिफ़्ल को किस शक्ल सोता है
Sanjay Bhat
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तू न मायूस होना मुझे दे के ग़म ग़म रखे हैं कुछ और ख़ुद-कुशी के लिए
Sanjay Bhat
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राह ये बेहद कठिन है आप जाएँगे कहाँ तक आप जाएँगे जहाँ तक सिर्फ़ पाएँगे वहाँ तक
Sanjay Bhat
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