तेरे बग़ैर ही अच्छे थे क्या मुसीबत है ये कैसा प्यार है हर दिन जताना पड़ता है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
More from Mehshar Afridi
क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं
Mehshar Afridi
26 likes
ऐसे हालात से मजबूर बशर देखे हैं अस्ल क्या सूद में बिकते हुए घर देखे हैं हम ने देखा है वज़ादार घरानों का जवाल हम ने सड़कों पे कई शाह ज़फ़र देखे है
Mehshar Afridi
53 likes
नेवला और साँप दोनों लड़ते लड़ते थक गए इक तमाशा कर के सब पैसे मदारी ले गया
Mehshar Afridi
14 likes
जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे
Mehshar Afridi
58 likes
दिल ये करता है कि इस उम्र की पगडंडी पर उलटे पैरों से चलूँ फिर वही लड़का हो जाऊँ
Mehshar Afridi
63 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Mehshar Afridi.
Similar Moods
More moods that pair well with Mehshar Afridi's sher.







