तू तो फिर अपनी जान है तेरा तो ज़िक्र क्या हम तेरे दोस्तों के भी नख़रे उठाएँगे
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
More from Ali Zaryoun
अजल से ले कर अब तक औरतों को सिवाए जिस्म क्या समझा गया है
Ali Zaryoun
31 likes
तन्हा ही सही लड़ तो रही है वो अकेली बस थक के गिरी है अभी हारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
54 likes
अस्र के वक़्त मेरे पास न बैठ मुझ पे इक साँवली का साया है
Ali Zaryoun
48 likes
तुझे किसी ने ग़लत कह दिया मेरे बारे नहीं मियाँ मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं
Ali Zaryoun
70 likes
ये तू जो मोहब्बत में सिला माँग रहा है ऐ शख़्स तू अंदर से भिकारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
73 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Zaryoun.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Zaryoun's sher.







