आने से जिस के मिलती थी एक अलग ही ख़ुशी हमें दरिया-ए-ज़िंदगी से वो ग़म की लहर चली गई
Related Sher
वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
107 likes
अब हमें देख के लगता तो नहीं है लेकिन हम कभी उस के पसंदीदा हुआ करते थे
Jawwad Sheikh
81 likes
अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
Mahshar Badayuni
78 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
More from Abhishek Bhadauria 'Abhi'
ज़हर पीने से क्या होता है ‘अभी’ मर तो लोग इश्क़ में भी जाते हैं
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
1 likes
फिर वहीं देखो ‘अभी’ लाया है ये नसीब छोड़ कर हम को जहाँ क़िस्मत गई थी
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
1 likes
उस की चालाकी के ही अब चर्चे हैं जो ख़ुद को नादान बताया करता था
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
1 likes
फूल बागों में ही खिलते हैं दोस्त ये दिलों में खिला नहीं करते
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
1 likes
कैसे कैसे ख़्वाब दिखातीं वो आँखें हम को अपने पास बुलातीं वो आँखें
Abhishek Bhadauria 'Abhi'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abhishek Bhadauria 'Abhi'.
Similar Moods
More moods that pair well with Abhishek Bhadauria 'Abhi''s sher.







