आँखों में रेत रेत है जाए जिधर नज़र आँखों से हम ने इतने समुंदर बहा दिए
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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ज़ीस्त में जब भी कभी घबरा गया आप की मौजूदगी महसूस की
Lokesh Singh
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पास रख सँभाल कर मेरे अदू इस तीर को रख लिया है बाँध कर मैं ने बदन से पीर को
Lokesh Singh
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सताती बहुत है बदन की उदासी यहाँ कौन रोता है अपनी ख़ुशी से
Lokesh Singh
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इक तबाही गुजर रही अंदर देख क्या से क्या हो गया हूँ मैं
Lokesh Singh
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पास बैठे है मिरे कब से वो ख़ामोश बहुत अपनी पायल को जो छनकाए तो फिर शे'र कहें
Lokesh Singh
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