आँखों को अब समझाना होगा ख़्वाबों की तकमील नहीं होती
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये दर्द के टुकड़े हैँ अश'आर नहीं अज़रा हम लफ़्ज़ों के धागों में ज़ख़्मों को पिरोते हैँ
Binte Reshma
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हार जाने पे लोग कहते हैं कौन झगड़ा करे मुक़द्दर से
Binte Reshma
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डूबने वाला तो कुछ देर में डूबेगा मगर डूबता देखने वालों को बड़ी जल्दी है
Binte Reshma
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तुझ को पाकर भी कुछ नहीं पाया तेरे हो के भी बे-सहारे हैं
Binte Reshma
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इश्क़ में नाम कमाते हैं तो रब जाता है पीछे हटते हैं तो पुरखों का नसब जाता है धीमी आवाज़ पे धरता ही नहीं कान कोई तैश में आएँ तो लहजे से अदब जाता है
Binte Reshma
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