ये दर्द के टुकड़े हैँ अश'आर नहीं अज़रा हम लफ़्ज़ों के धागों में ज़ख़्मों को पिरोते हैँ
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुझ को पाकर भी कुछ नहीं पाया तेरे हो के भी बे-सहारे हैं
Binte Reshma
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हार जाने पे लोग कहते हैं कौन झगड़ा करे मुक़द्दर से
Binte Reshma
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किसी बाज़ार से जो मिल जाता अपना बचपन ख़रीद लाते फिर
Binte Reshma
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यूँँ तो समेट लाई थी हर चीज़ गाँव से धागे तुम्हारे नाम के बरगद पे रह गए
Binte Reshma
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आँखों को अब समझाना होगा ख़्वाबों की तकमील नहीं होती
Binte Reshma
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