आँखों में उन की मैं ने देखा है ज़ेहन में उन के कोई और बसा है नाराज़गी है भी तो जताएँ कैसे उस ने अपना बना के जो छोड़ा है
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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यूँँ मोहब्बत की क़सम खा बिछड़े वहाँ इक अलग दुनिया बसाई हम ने जहाँ मुझ से डरती है मेरी परछाई भी अब सो है मेरे साथ बस तन्हाई यहाँ
Shams Amiruddin
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दौलत भी शोहरत भी निछावर तुझ पे सब रस्म-ए-मोहब्बत तुम निभाओ तो सही
Shams Amiruddin
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ख़ुदा से इक लड़ाई यूँँ लड़ी जाए मुआफ़ी बेवफ़ाओं को भी दी जाए सुना है बे-वफ़ाई शिर्क है फिर भी जो आए लौट कर वो अपना ली जाए
Shams Amiruddin
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मोहब्बत जो समझते हैं वहीं हम को समझते हैं फ़क़त अब हम हक़ीकत भी यूँँ ख़्वाबों को समझते हैं
Shams Amiruddin
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मैं एक रोज़ ख़ुद को ऐसा बनाऊँगा ओ खोने वाले तुझ को फिर याद आऊँगा आती है इस क़दर मुझ को याद गाँव की तुम देखना किसी दिन मैं लौट आऊँगा
Shams Amiruddin
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