sherKuch Alfaaz

आँखों से मेरे अश्कों के बह रहे हैं धारे मैं सिर्फ़ जी रहा हूँ अल्लाह के सहारे

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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़

Danish Balliavi

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मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का हम इस लिए तो करते हैं मातम हुसैन का अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का

Danish Balliavi

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अपनी औक़ात व जज़्बात बता कर रख दो अपने दुश्मन की सभी हस्ती मिटा कर रख दो तुम को दिल्ली की सियासत नहीं जीने देगी ज़िंदा रहना है तो आतंक मचा कर रख दो

Danish Balliavi

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तुम ने जब दिल ही लगाया तो झिझकना कैसा जान की याद में आशिक़ ये सिसकना कैसा

Danish Balliavi

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तेरी यादों से निकला तो कहाँ मैं जाऊँगा इक जगह है बस मैखाना वहाँ मैं जाऊँगा

Danish Balliavi

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