आँसुओं की चाहत से ज़िंदगी सजाई है ख़ाकसार होकर भी ख़ाक ही उड़ाई है
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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हम ने पर्चे आँसुओं से भर दिए और तुम ने इतने कम नंबर दिए ऊंचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत जलजले ने सब बराबर कर दिए
Zubair Ali Tabish
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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है
Umair Najmi
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मौत का भी इलाज हो शायद ज़िंदगी का कोई इलाज नहीं
Firaq Gorakhpuri
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उसे समझने का कोई तो रास्ता निकले मैं चाहता भी यही था वो बे-वफ़ा निकले
Waseem Barelvi
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आप के सिम्त से जाने की तमन्ना तो नहीं फ़िक्र मत करिए चले जाएँगे रफ़्ता रफ़्ता
Anshika Shukla
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ज़िंदगी हमक़दम रही लेकिन वक़्त से हमक़दम नहीं होती
Anshika Shukla
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वो जिस हमदर्द को आँसू मिरे अश'आर लगते थे उसी बे-दर्द को मेरी हँसी अच्छी नहीं लगती
Anshika Shukla
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इश्क़ वहशत कैफ़ियत और कुछ किताबें बस इन्हीं से ज़िंदगानी चल रही है
Anshika Shukla
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तू सिर्फ़ कह रहा है हम कभी मिलेंगे नहीं ज़बान दे रहा है तो नज़र उठा कर दे
Anshika Shukla
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