आओगी नहीं तुम मुझे ये इल्म था लेकिन रो-रो के पुकारा तुम्हें तन्हाई में मैं ने
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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वो सदा जो कान तक पहुंँची नहीं शहर भर में ढूंँढते हैं हम उसे
Dipendra Singh 'Raaz'
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तुम न टूटो कभी भी इस लिए पत्थर है कहा मैं तुम्हें फूल जो कहता तो बिखर जाती तुम
Dipendra Singh 'Raaz'
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याद तन्हाई में आता है तुम्हारा कहना दीप तुम को कभी तन्हा नहीं छोड़ूँगी मैं
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो मेरे ज़ेहन के कोने में दबा बैठा था उस को फिर बहर में डाला तो कहीं शे'र बना
Dipendra Singh 'Raaz'
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सितारा ही तो कहती थी मुझे तुम दुआएंँ माँग लो टूटा हुआ हूँ
Dipendra Singh 'Raaz'
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