आप जिस चीज़ को कहते हैं कि बेहोशी है वो दिमाग़ों में ज़रा देर की ख़ामोशी है सूखते पेड़ से पंछी का जुदा हो जाना ख़ुद-परस्ती नहीं एहसान-फ़रामोशी है
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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कुछ वक़्त ने तोड़ा है भरम और कुछ उस ने मैं तो ये समझता था कोई बात है मुझ में
Ashu Mishra
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साथ में तू मेरे दो गाम तो चल सकता है इतना चलने से मेरा काम तो चल सकता है तेरे दिल में किसी शाइ'र की जगह तो होगी इस इलाके में मेरा नाम तो चल सकता है
Ashu Mishra
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और अब दुनिया मेरी तन्हाई में देती है दख़्ल मैं भी पत्थर फेंकता रहता था ठहरी झील पर
Ashu Mishra
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अवल्ली इश्क़ के एहसास भी तारी रक्खे और इस बीच नए काम भी जारी रक्खे मैं ने दिल रख लिया है ये भी कोई कम तो नहीं दूसरा ढूँढ़ लो जो बात तुम्हारी रक्खे
Ashu Mishra
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ग़म में हम सूरत-ए-गमख़ार नहीं पढ़ते हैं इस लिए मीर के अश'आर नहीं पढ़ते हैं मेरी आँखें तेरी तस्वीर से जा लगती हैं सुब्ह उठकर सभी अख़बार नहीं पढ़ते हैं
Ashu Mishra
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