साथ में तू मेरे दो गाम तो चल सकता है इतना चलने से मेरा काम तो चल सकता है तेरे दिल में किसी शाइ'र की जगह तो होगी इस इलाके में मेरा नाम तो चल सकता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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और अब दुनिया मेरी तन्हाई में देती है दख़्ल मैं भी पत्थर फेंकता रहता था ठहरी झील पर
Ashu Mishra
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कुछ वक़्त ने तोड़ा है भरम और कुछ उस ने मैं तो ये समझता था कोई बात है मुझ में
Ashu Mishra
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अवल्ली इश्क़ के एहसास भी तारी रक्खे और इस बीच नए काम भी जारी रक्खे मैं ने दिल रख लिया है ये भी कोई कम तो नहीं दूसरा ढूँढ़ लो जो बात तुम्हारी रक्खे
Ashu Mishra
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ग़म में हम सूरत-ए-गमख़ार नहीं पढ़ते हैं इस लिए मीर के अश'आर नहीं पढ़ते हैं मेरी आँखें तेरी तस्वीर से जा लगती हैं सुब्ह उठकर सभी अख़बार नहीं पढ़ते हैं
Ashu Mishra
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तुम्हारी शक्ल किसी शक्ल से मिलाते हुए मैं खो गया हूँ नया रास्ता बनाते हुए
Ashu Mishra
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