आप ने ये सोच रक्खा था कि मेरा और कोई भी नहीं होगा कभी अब
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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पहले आना आ कर जाना आप की मर्ज़ी थी सारी मेरा क्या है मैं तो तन्हा कल भी था और आज भी हूँ
Murari Mandal
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युद्धों के परिणाम अवध में लौटे हैं जबसे अपने राम अवध में लौटे हैं ऐसी ज्योति जगी है घर में दीपों से जैसे चारों धाम अवध में लौटे हैं
Murari Mandal
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ये है मिथ्या सताती है मुहब्बत सभी को रास आती है मुहब्बत मेरे सपने में आ कर एक लड़की मुझे जबरन सिखाती है मुहब्बत
Murari Mandal
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नया घर औ नया जीवन मुबारक सनम तुम को नया साजन मुबारक सजा है चाँद सा मुखड़ा तुम्हारा लगी है हाथ जो उबटन मुबारक
Murari Mandal
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शे'र सुन के पूछते सब जॉन ग़ालिब मीर हो शे'र कहते हैं मगर हैं जॉन ग़ालिब मीर नइॅं
Murari Mandal
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