आप को देख कर राबता हो गया और ये दिल कहीं लापता हो गया बात हम कर रहे चांदनी रात में आ समाँ को सभी का पता हो गया
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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फिर शुरू तर्क-ए-त'अल्लुक़ की कहानी मत करो बात ये है बात अब कुछ भी पुरानी मत करो
Shubham Vaishnav
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ये मत पूछो कि उस में और क्या-क्या देखता हूँ उसी इक शख़्स में मैं अपनी दुनिया देखता हूँ कभी आँखें कभी चेहरा कभी लब तो कभी तिल कि दिल भरता नहीं मैं उस को जितना देखता हूँ
Shubham Vaishnav
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मैं लुटाया इतना ख़ुद को अब बुरा लगता नहीं जाने कोई शख़्स मुझ को क्यूँँ मिरा लगता नहीं
Shubham Vaishnav
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कुछ किताबें पढ़ के शेर-ओ-शायरी करने लगे हैं अब ये छोटे-छोटे बच्चे आशिक़ी करने लगे हैं
Shubham Vaishnav
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ये मुहब्बत दाख़िले के वक़्त आसाँ लगती है पर मुहब्बत में शुरू फिर इम्तिहाँ हो जाते हैं
Shubham Vaishnav
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