sherKuch Alfaaz

आशिक़ था ऐसा मैं कि दग़ा कर नहीं सका वो बे-वफ़ा था जो कि वफ़ा कर नहीं सका करता था मैं उसी से मुहब्बत यूँँ बे-पनाह चाहत का क़र्ज़ यार अदा कर नहीं सका

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सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे

Danish Balliavi

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ये ख़ता है तो क्यूँ ये ख़ता है जिस में जाँ हम ही तुम पे फ़िदा हैं

Danish Balliavi

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इश्क़ से इल्तिफ़ात मेरी है ये नई वारदात मेरी है मैं ने चाहा है इतनी शिद्दत से यार वो काएनात मेरी है

Danish Balliavi

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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़

Danish Balliavi

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मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का हम इस लिए तो करते हैं मातम हुसैन का अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का

Danish Balliavi

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