आती है सदा आहों कराहों की बहुत ही ये शहर-ए-ख़मोशाँ भी तो ख़ामोश नहीं है
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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मौत का एक दिन मुअय्यन है नींद क्यूँँ रात भर नहीं आती
Mirza Ghalib
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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हम पे एहसान हैं उदासी के मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
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ज़िन्दगी तेरी कहानी में मुझे रोज़ जीना रोज़ मरना पड़ता है
Kumar Aryan
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यार घुट-घुट के मरना नहीं चाहता मारना ही है तो जान से मार दे
Kumar Aryan
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फल अभी आया नहीं है पेड़ पे आ गए पत्थर चलाने लोग पर
Kumar Aryan
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पर्व त्यौहार की ये रीत मुबारक़ हो मेरे चाँद तुझ को भी प्यार भरा तीज मुबारक़ हो मेरे चाँद
Kumar Aryan
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साथ चलती है मेरे तन्हाई मैं अकेला सफ़र नहीं करता
Kumar Aryan
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