अब तो अच्छी चल रही है ज़िंदगी थोड़ी बहुत हम को भी आने लगी है शा'इरी थोड़ी बहुत
Related Sher
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
285 likes
मैं बाल बाल बच गया हर बार इश्क़ से सर के बहुत क़रीब से पत्थर गुज़र गए
Umair Najmi
81 likes
दिल को तेरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता
Ahmad Faraz
82 likes
प्रेम की गली में सब शराब ले कर आए थे हम बहुत ख़राब थे किताब ले कर आए थे
Aman Akshar
77 likes
More from Shubham Vaishnav
ये मत पूछो कि उस में और क्या-क्या देखता हूँ उसी इक शख़्स में मैं अपनी दुनिया देखता हूँ कभी आँखें कभी चेहरा कभी लब तो कभी तिल कि दिल भरता नहीं मैं उस को जितना देखता हूँ
Shubham Vaishnav
0 likes
फिर शुरू तर्क-ए-त'अल्लुक़ की कहानी मत करो बात ये है बात अब कुछ भी पुरानी मत करो
Shubham Vaishnav
1 likes
ये मुहब्बत दाख़िले के वक़्त आसाँ लगती है पर मुहब्बत में शुरू फिर इम्तिहाँ हो जाते हैं
Shubham Vaishnav
2 likes
कुछ किताबें पढ़ के शेर-ओ-शायरी करने लगे हैं अब ये छोटे-छोटे बच्चे आशिक़ी करने लगे हैं
Shubham Vaishnav
2 likes
सभी की नज़र ही उधर है उसे भी नहीं ये ख़बर है अभी तो मिला है मुझे वो उसी पर सभी की नज़र है
Shubham Vaishnav
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shubham Vaishnav.
Similar Moods
More moods that pair well with Shubham Vaishnav's sher.







