मैं बाल बाल बच गया हर बार इश्क़ से सर के बहुत क़रीब से पत्थर गुज़र गए
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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नज़र में रखना कहीं कोई ग़म शनास गाहक मुझे सुख़न बेचना है ख़र्चा निकालना है
Umair Najmi
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किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है पर आँसुओं को हुरूफ़-ए-मुक़त्तिआ'त समझ
Umair Najmi
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पता था उस से बिछड़ते ही दोस्त घेरेंगे वही हुआ मुझे रंज-ओ-अलम ने घेर लिया
Umair Najmi
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मैं किस से पूछूँ ये रस्ता दुरुस्त है कि ग़लत जहाँ से कोई गुज़रता नहीं वहाँ हूँ मैं
Umair Najmi
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मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका
Umair Najmi
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