abhi to ek watan chhod kar hi nikle hain hanuz dekhni baqi hain hijraten kya kya
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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इक रोज़ छीन लेगी हमीं से ज़मीं हमें छीनेंगे क्या ज़मीं के ख़ज़ाने ज़मीं से हम
Saba Akbarabadi
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सौ बार जिस को देख के हैरान हो चुके जी चाहता है फिर उसे इक बार देखना
Saba Akbarabadi
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ग़लत-फ़हमियों में जवानी गुज़ारी कभी वो न समझे कभी हम न समझे
Saba Akbarabadi
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आप के लब पे और वफ़ा की क़सम क्या क़सम खाई है ख़ुदा की क़सम
Saba Akbarabadi
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भीड़ तन्हाइयों का मेला है आदमी आदमी अकेला है
Saba Akbarabadi
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