sherKuch Alfaaz

achchhe ustaad ke andar eik bachcha baitha hota hai jo haath utha-utha kar aur sar hila-hila kar bataata jaata ki baat samajh mein aayi ki nahi.

Related Sher

किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है

Rahat Indori

141 likes

मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे

Ali Zaryoun

129 likes

जाने क्या कुछ कर बैठा है बहुत दिनों से घर बैठा है वो मधुमास लिखे भी कैसे शाखों पर पतझर बैठा है

Vigyan Vrat

65 likes

गुमान है या किसी विश्वास में है सभी अच्छे दिनों की आस में है ये कैसा जश्न है घर वापसी का अभी तो राम ही वनवास में है

Azhar Iqbal

65 likes

हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

Abrar Kashif

64 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Mushtaq Ahmad Yusufi.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Mushtaq Ahmad Yusufi's sher.