ऐ आ समाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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जो तुम हो तो ये कैसे मान लूँ मैं कि जो कुछ है यहाँ बस इक गुमाँ है
Ambreen Haseeb Ambar
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ज़िंदगी में कभी किसी को भी मैं ने चाहा नहीं मगर तुम को
Ambreen Haseeb Ambar
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ऐ आसमाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया
Ambreen Haseeb Ambar
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ध्यान में आ कर बैठ गए हो तुम भी नाँ मुझे मुसलसल देख रहे हो तुम भी नाँ
Ambreen Haseeb Ambar
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मुझ में अब मैं नहीं रही बाक़ी मैं ने चाहा है इस क़दर तुम को
Ambreen Haseeb Ambar
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